गीता गोष्ठी के रजत जयंती महोत्सव में शामिल होंगे अन्तरराष्ट्रीय विद्वान व संत मनीषी

*गोण्डा*
गोंडा जिले में गीता गोष्ठी के नियमित आयोजन का वर्ष 2025 में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित गीता महोत्सव के रजत जयंती समारोह को स्मरणीय बनाया जाएगा। समारोह में राष्ट्रीय अन्तरराष्ट्रीय स्तर के संत मनीषियों एवं आध्यात्मिक विचारक शामिल हो रहे हैं। महोत्सव में सांस्कृतिक आध्यात्मिक समृद्धि की झांकी व जनपद के लब्धप्रतिष्ठ रंगकर्मियों व संगीतकारों की प्रस्तुति सनातन प्रेमियों के प्रमुख आकर्षण होंगे।
मालवीय नगर के रामलीला मैदान स्थित रामेश्वरम शिव मंदिर में गीता महोत्सव के रजत जयंती महोत्सव आयोजन समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए गीता गोष्ठी के संयोजक इंजी. सुरेश दूबे ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रजत जयंती महोत्सव में विख्यात विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ भी शामिल हो रहे है। जो वर्तमान परिस्थितियों में सनातन धर्म की प्रसागकिता व गीता के वैश्विक दर्शन पर विचार देंगे। स्वामी यतींद्रानंद एवं वाराणसी के राजर्षि गांगेय हंस गीता की सार्वभौमिकता व युवा चिंतक महिम तिवारी जनपद के सांस्कृतिक विरासत पर व्याख्यान देंगे। समारोह में जनपद के लब्ध प्रतिष्ठा संगीतकार व गायकों की प्रस्तुति पर उन्हें गीता गोष्ठी की ओर से सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति की बैठक में समारोह के विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार मंथन हुआ।
बैठक में नारायण प्रसाद पाण्डेय, रामकरन पाण्डेय, अवधेश त्रिपाठी, उत्तम कुमार शुक्ल, छेदीलाल सैनी, उमानाथ त्रिपाठी, अशोक जायसवाल, अमित सिंह, राम बहादुर शुक्ल, रामसेवक सिंह, अशोक कुमार सिन्हा, आर जे शुक्ल एवं रमेश दूबे ने विचार विमर्श में हिस्सा लिया।



