US संसद में लहराई मोदी-पुतिन की फॉर्च्यूनर वाली सेल्फी, सांसद ने पूछा- ऐसे जीतिएगा नोबेल पुरस्कार?

आपको बता दें कि 2022 में रूस–यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी, जिसने वैश्विक कूटनीति में भारत–रूस समीकरण को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हाल ही में चर्चा में आई कार वाली सेल्फी अब अमेरिकी कांग्रेस तक पहुंच गई है। अमेरिकी सांसद सिडनी कैमलेगर-डव ने विदेशी नीति पर सुनवाई के दौरान इस तस्वीर का बड़ा पोस्टर बनवाकर संसद में लहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी की मौजूदा नीतियां भारत को रूस के साथ और करीब ला रही हैं और इस स्थिति के लिए अमेरिका खुद जिम्मेदार है, भारत नहीं।
सत्र के दौरान कैमलेगर-डव ने कहा, “ट्रंप प्रशासन की भारत नीति ऐसी है जैसे खुद का ही नुकसान करना। इस रणनीति से दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसा और समझ को गहरा आघात पहुंचा है।” पोस्टर की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “यह तस्वीर हजार शब्दों के बराबर है। आप अपने रणनीतिक साझेदारों को विरोधियों की तरफ धकेलकर नोबेल शांति पुरस्कार नहीं जीत सकते।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझना होगा कि दबाव बनाकर साझेदारी करने की भी एक कीमत होती है और इस नीति पर गंभीर पुनर्विचार की जरूरत है।



