दिल्ली-NCR की जहरीली हवा पर PMO ऐक्टिव, प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ ऐक्शन के आदेश l

संक्षेप:दिल्ली एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर के बीच अब केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए अहम बैठक की है।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर के बीच अब केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए अहम बैठक की है। इस बैठक में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज करने के आदेश दिए हैं। इसी के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर देने का आदेश दिया गया है।
दरअसल दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी लगातार दूसरे हफ्ते बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। कुछ इलाकों में तो यह गंभीर स्तर पर भी पहुंच गई है। ऐसे में समस्या की गंभीरता को देखते हुए अब खुद केंद्र सरकार मामले पर ध्यान दे रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अधिकारियों को इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दो खास क्षेत्रों पर तुरंत काम करने के लिए कहा है। पहला EV चार्जिंग के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाना और दूसरा पर्याप्त संख्या में और तेजी से नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक PMO अब प्रदूषण के स्रोतों की सीधे निगरानी कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की संभावना है।
इससे पहले दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनर सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। इसके तहत दिल्ली सरकार के सभी सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठानों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अंतर्गत यह निर्णय लिया गया है। यह निर्देश पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा पांच के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी में संचालित सभी दिल्ली सरकार के कार्यालयों और निजी प्रतिष्ठानों के लिए जारी किया गया।आदेश में आवश्यक सेवाओं को छूट दी है, जिसमें अस्पताल, अन्य सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, अग्निशम सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, स्वच्छता और संबंधित नगरपालिका सेवाएं, आपदा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण समेत आवश्यक सेवाएं शामिल हैं।



