डोनाल्ड ट्रंप को मिला ‘सीक्रेट’ हथियार, नाम है ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’, रूस-चीन के पास भी नहीं जवाब!

*डोनाल्ड ट्रंप को मिला ‘सीक्रेट’ हथियार, नाम है ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’, रूस-चीन के पास भी नहीं जवाब*
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर US के सीक्रेट हथियार की डींग हांकी. इसे उन्होंने ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’ कहा. इसका मतलब होता है किसी को कनफ्यूज करना, परेशान करना, गुमराह करना करना या दिमागी रूप से परेशान करने वाला. ट्रंप ने कहा कि इसी तकनीक ने जनवरी में वेनेजुएला में अमेरिकी सेना के ऑपरेशन के दौरान वहां के डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया था, जिससे रूसी और चीनी सिस्टम भी काम नहीं कर पाए.
सीक्रेट हथियार के बारे में ट्रंप ने कब बताया?
यह बात उन्होंने उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग मिलिट्री बेस में उस स्पेशल फोर्स से मिलने के दौरान कही, जिसने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ा था. ट्रंप की यह टिप्पणी पहली बार सार्वजनिक रूप से उस गुप्त डिवाइस के बारे में सामने आई है. ट्रंप ने कहा, ‘वे लोग ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’ के बारे में भी बात करते हैं, क्योंकि वह एक भी गोली नहीं चला पाए. रूसी सिस्टम काम नहीं किया, चीनी सिस्टम काम नहीं किया. हर कोई यह जानने की कोशिश कर रहा है कि क्यों वे काम नहीं कर पाए. हो सकता है कि एक दिन आपको पता चल जाए’ पिछले सप्ताह एक इंटरव्यू में भी उन्होंने इसपर थोड़ी बात की थी
क्या है ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’?
ट्रंप ने हथियार का नाम दिया है, लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की. उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में बात करने की इजाजत नहीं है. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक यह पारंपरिक बम या मिसाइल जैसा नहीं लगता, बल्कि संभव है कि यह इलेक्ट्रॉनिक, साइबर या ऊर्जा-आधारित तकनीक का कॉम्बिनेशन हो, जिससे दुश्मन के रडार, संचार और डिफेंस सिस्टम को अस्थायी रूप से अक्षम किया जाता है. क्योंकि यह हथियार इतना सीक्रेट है कि इसकी सिर्फ अटकलें ही लगती हैं. माना जाता है इसमें कई चीजें लगी हैं, जैसे
इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जो रडार, कम्युनिकेशन और मिसाइल सिस्टम्स को जाम या फ्राई कर देता है.
डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स जैसे हाई-पावर माइक्रोवेव्स या सोनिक वेपन्स, जो इक्विपमेंट को ओवरहीट कर बेकार बनाते हैं और इंसानों में कन्फ्यूजन, मतली या सिरदर्द पैदा करते हैं.
साइबर डिसरप्शन और एकॉस्टिक डिसोरिएंटेशन जो सिस्टम्स को हैक या ध्वनि तरंगों से प्रभावित करता है.
वेनेजुएला ऑपरेशन में किया इस्तेमाल
3 जनवरी को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में अमेरिकी विशेष बलों ने रात के अंधेरे में हेलीकॉप्टरों के जरिए पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था. ट्रंप ने कहा कि इस ऑपरेशन में दुश्मन की रक्षा प्रणालियों को ‘डिसकॉम्बोबुलेटर’ ने बाधित कर दिया, जिससे कोई भी रूसी या चीनी रक्षा प्रणाली सक्रिय होने से पहले ही ठप हो गई.



