डिजिटल अरेस्ट से 1.18 करोड़ की ठगी, 30 खाते फ्रीज़

दिल्ली में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी को निशाना बनाकर 1.18 करोड़ रुपये की ठगी की। गिरोह ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर पीड़ित को फोन किया और आरोप लगाया कि उनके खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। अपराधियों ने पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दी और कहा कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। डर के माहौल में पीड़ित ने 50 से अधिक बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। साइबर पुलिस ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 30 खातों को फ्रीज़ कर दिया है। मामले की जांच में सामने आया कि यह गिरोह विदेश से ऑपरेट कर रहा था और तकनीकी कॉलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए भारत में कॉल करता था। विशेषज्ञों का कहना है कि “डिजिटल अरेस्ट” ठगी का नया तरीका बनता जा रहा है और आम नागरिकों को इससे बचाव के लिए जागरूक रहना होगा। साइबर सेल लोगों को बार-बार यह संदेश दे रही है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर न तो पैसे मांगती है और न ही डिजिटल अरेस्ट करती है।



