जेल में ही रहेगा कुलदीप सिंह सेंगर, दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, सजा निलंबित करने की याचिका खारिज

उन्नाव रेप केस के मुख्य आरोपित कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया. कुलदीप की तरफ से सजा निलंबन की याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. दिल्ली हाईकोर्ट ने कस्टोडियल डेथ से जुड़े मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी है. यह मामला पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत से संबंधित है. बता दें कि इसी मामले में सजा मिलने के कारण कुलदीप सिंह सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाया था.
हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर को नोटिस भी जारी किया था, जिसमें उसे जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था. पीड़िता ने पीटीआई-भाषा से फोन पर कहा था, ‘‘मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं। मुझे उच्चतम न्यायालय से न्याय मिला है. मैं शुरू से ही न्याय के लिए आवाज उठाती रही हूं.’ उसने कहा था, ‘‘मैं किसी भी अदालत के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाती. मुझे सभी अदालतों पर भरोसा है, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने मुझे न्याय दिया है और ऐसा करना जारी रखेगा.
बता दें कि बीते 29 दिसंबर को उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया गया था और मामले में उसकी अपील लंबित रहने तक उसे जमानत दे दी गई थी. उन्नाव के पूर्व विधायक सेंगर को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. बता दें कि उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता ने सोमवार को कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने पर संतोष व्यक्त किया और न्याय प्रणाली पर अपना पूरा विश्वास जताया.



