जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत का नया राष्ट्रीय कार्ययोजना ड्राफ्ट

भारत सरकार ने 28 जनवरी 2026 को जलवायु परिवर्तन पर नई राष्ट्रीय कार्ययोजना का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करना है। योजना में स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और सतत कृषि को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।
नई कार्ययोजना के तहत सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को तेज़ी से बढ़ाया जाएगा। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में हरित स्थानों का विस्तार और प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन की योजना भी शामिल है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्ययोजना तभी सफल होगी जब राज्यों और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह योजना केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास और सामाजिक संतुलन को भी ध्यान में रखकर तैयार की गई है। आने वाले महीनों में इस ड्राफ्ट पर सार्वजनिक सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।



