जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की पहली भारत यात्रा, भारत–जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मिला नया आयाम।

जर्मनी के संघीय चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 से 13 जनवरी 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आए। यह उनकी भारत और एशियाई क्षेत्र की पहली आधिकारिक यात्रा थी, जिसका उद्देश्य भारत–जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना रहा, जिसने हाल ही में 25 वर्ष पूरे किए हैं।
दौरे के पहले चरण में फ्रेडरिक मर्ज गुजरात पहुंचे। अहमदाबाद में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साबरमती आश्रम का दौरा किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया, जो उत्तरायण/मकर संक्रांति उत्सव का हिस्सा है। गांधीनगर में हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में भारत–जर्मनी रणनीतिक सहयोग की समीक्षा की गई। साथ ही अहमदाबाद में आयोजित इंडिया–जर्मनी सीईओ फोरम में भी दोनों नेता शामिल हुए।
दूसरे दिन चांसलर मर्ज कर्नाटक पहुंचे। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल ने किया। उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग (CeNSE) का दौरा किया और बोश कैंपस में सतत मोबिलिटी व हाइड्रोजन तकनीक से जुड़ी पहलों की जानकारी ली।
इस यात्रा के दौरान भारत और जर्मनी के बीच 19 समझौता ज्ञापनों (MoUs) और संयुक्त घोषणाओं पर हस्ताक्षर हुए। साथ ही जर्मनी द्वारा भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट, ट्रैक 1.5 विदेश नीति एवं सुरक्षा संवाद की स्थापना और इंडिया–जर्मनी डिजिटल डायलॉग (2025–2027) की कार्ययोजना को अपनाने की घोषणा की गई।



