गाइज आज ट्रेन रोककर रहेंगे… रील के चक्कर में वंदे भार को रोकने की जुर्रत, लोग बोले- ठूसों जेल में

रील बनाने के चक्कर में लोग अब सारी हदें पार करने लगें हैं. रील बनाने का जुनून अब सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने तक सीमित नहीं रहा. अब यह सीधा हजारों जिंदगियों से खेलने तक पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत में कुछ युवकों ने देश की हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को बीच ट्रैक पर रोकने की जुर्रत कर दी. न कोई डर, न कानून की परवाह और न यात्रियों की जान की चिंता. लकड़ी के भारी लट्ठे रेलवे ट्रैक पर रखे गए. कैमरा ऑन हुआ, ठहाके लगे और गर्व से कहा गया ‘वंदे भारत रुकवा दिए.’ यही वीडियो अब देश को झकझोर रहा है.
यह कोई शरारत नहीं थी ना ही यह कोई मजाक नहीं था. यह सीधे-सीधे रेल सुरक्षा के साथ खिलवाड़ था. हाई-स्पीड ट्रेन, सैकड़ों यात्री और जरा-सी चूक और बड़ा हादसा हो सकता था. लेकिन युवकों के लिए यह सिर्फ एक कंटेंट था. वीडियो में साफ दिखता है कि ट्रैक पर लट्ठे रखकर ट्रेन रोकी गई और जब पुलिसकर्मी ने टोका तो जवाब मिला ‘अंकल घुस नहीं रहे थे, वीडियो शूट कर रहे थे.’ यही लापरवाही अब सोशल मीडिया पर गुस्से की वजह बन चुकी है.
वायरल वीडियो में क्या?
वायरल वीडियो में कुछ युवक रेलवे ट्रैक पर बड़े लकड़ी के लट्ठे रखते दिखते हैं. इसके बाद वंदे भारत एक्सप्रेस को आपात स्थिति में रोकना पड़ता है. ट्रेन एक सुनसान इलाके में खड़ी नजर आती है. वीडियो शूट करते वक्त युवक हंसते हुए दावा करते हैं कि उन्होंने हाई-स्पीड ट्रेन को रोक दिया.
कैसे सामने आया वीडियो
यह वीडियो सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया गया. देखते ही देखते यह वायरल हो गया. यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों, RPF और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग कर सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी.
लोगों का गुस्सा क्यों फूटा
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस हरकत को ‘आतंकवादी कृत्य’ तक करार दे दिया. कई यूजर्स ने लिखा कि यह सिर्फ रील नहीं, साजिश है. यात्रियों की जान को खतरे में डालना किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाना चाहिए. कुछ ने NSA लगाने की मांग की, तो कई ने सीधे कहा ‘ठूसो जेल में.’
कानून क्या कहता है
रेलवे एक्ट, 1989 के तहत ट्रैक पर जानबूझकर बाधा डालना गंभीर अपराध है.
धारा 150: ट्रेन को नुकसान पहुंचाने या ट्रैक पर वस्तु रखने पर उम्रकैद या 10 साल तक की सजा.
धारा 174: ट्रेन संचालन में बाधा पर 2 साल तक की जेल या जुर्माना.
धारा 147: रेलवे ट्रैक पर अतिक्रमण पर 6 महीने की जेल.
धारा 146: रेलवे स्टाफ को ड्यूटी से रोकने पर सजा.
पहली बार अपराध करने पर भी न्यूनतम तीन साल की जेल का प्रावधान है.
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस वीडियो के आधार पर युवकों की पहचान में जुटी है. सूत्रों के मुताबिक FIR दर्ज करने की तैयारी है. यह भी जांच की जा रही है कि घटना कहां की है और क्या यह किसी बड़े सोशल मीडिया गैंग का हिस्सा है.



