पश्चिम बंगाल

शिक्षक भर्ती मामले में सीबीआई ने बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया !

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को शिक्षक भर्ती मामले में बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया।

कथित रिश्वत-नौकरी घोटाले से संबंधित चार अलग-अलग मामलों में संघीय एजेंसी द्वारा पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के आठ महीने बाद चटर्जी को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उन्हें सभी चार दस्तावेजों में मुख्य आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया गया है।

यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले में चटर्जी की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगे जाने के कुछ घंटों बाद हुआ है।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की शीर्ष अदालत की पीठ ने ईडी से पूर्व मंत्री की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा।

जुलाई 2022 में ईडी ने चटर्जी को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। चटर्जी को इससे पहले इस साल मई में प्रेसीडेंसी सुधार गृह में रखा गया था।

केंद्रीय एजेंसी ने इससे पहले चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से 21 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की थी। उसके घर से 20 से अधिक मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे । ईडी ने आरोप लगाया था कि जब्त की गई नकदी स्कूल सेवा आयोग मामले में अपराध की आय होने का संदेह है। ईडी ने कहा कि तलाशी दल ने मशीनों का उपयोग करके जब्त नकदी की गिनती करने के लिए बैंक अधिकारियों से मदद मांगी।

टीएमसी ने पार्थ चटर्जी को पार्टी से निलंबित कर दिया और उन्हें सभी पदों से हटा दिया।

टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चटर्जी के निलंबन की घोषणा करते हुए कहा, “भ्रष्टाचार के लिए जीरो टॉलरेंस होगा। जांच एजेंसी को समय सीमा के भीतर जांच पूरी करनी चाहिए। यहां तक कि सारदा मामले में भी कुछ नहीं हुआ, यह बस लटका हुआ है। समयबद्ध जांच होनी चाहिए।”

Neeraj Kumar Srivastava

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