22 घंटे का सफर तय कर अंतरिक्ष से वापस लौटेंगे शुभांशु शुक्ला

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिन रहने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज धरती पर लौट आएंगे। एक्सिओम-4 मिशन के तहत उन्होंने ऐतिहासिक यात्रा की। 18 दिनों के इस सफर में उन्होंने जहां कई वैज्ञानिक प्रयोग किए वहीं 288 बार पृथ्वी की परिक्रमा की।
अंतरिक्ष स्टेशन जाकर इतिहास रचने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की आज धरती पर वापसी होगी। शुभांशु और एक्सिओम-4 मिशन के उनके तीन साथी 10 मिनट की देरी से सोमवार शाम 4.45 बजे (भारतीय समयानुसार) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से धरती के लिए रवाना हुए। अंतरिक्ष यात्रियों का यह दल लगभग 22.5 घंटे का सफर पूरा करने के बाद मंगलवार यानी आज दोपहर करीब 3 बजे (भारतीय समयानुसार) कैलिफोर्निया के समुद्री तट पर उतरेगा।
आईएसएस पर पहली बार भारत का परचम लहराकर 140 करोड़ से अधिक भारतीयों का स्वाभिमान सातवें आसमान पर पहुंचाने वाले गगनयात्री शुभांशु शुक्ला ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा के बाद वापस लौट रहे हैं।
देश के यशस्वी सपूत का स्वागत करने के लिए 140 करोड़ लोग पलक पांवड़े बिछाए हैं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिनों तक रहने के बाद शुभांशु एक्सिओम-4 मिशन के अपने तीन सहयोगी अंतरिक्षयात्रियों के साथ मंगलवार को दोपहर 3:01 बजे प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया तट पर उतरेंगे।
स्प्लैशडाउन शब्द का प्रयोग अंतरिक्ष मिशनों में किया जाता है. यह प्रक्रिया तब होती है जब किसी स्पेसक्राफ्ट को पानी में उतारा जाता है. पृथ्वी के वायुमंडल मे प्रवेश करने के बाद जब अंतरिक्ष यान पानी में उतरता है तो इस प्रक्रिया को स्पलैशडाउन कहा जाता है. यह प्रक्रिया पैराशूट के जरिए होती है, जो पूरी तरह ऑटोमेटिक होती है. पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद अंतरिक्ष यान की गति को धीरे-धीरे कम किया जाता है. इस दौरान उसके पैराशूट दो चरणों में खुलते हैं. पहले 5.7 किमी ऊंचाई पर और दूसरे चरण में करीब लैंडिंग से दो किलोमीटर ऊपर. इससे पानी में अंतरिक्ष यान की लैंडिंग सुरक्षित होती है। नासाके मर्करी, जेमिनी, अपोलो,ओरियन मिशन के दौरान इसी तरीके से स्पेसक्राफ्ट को लैंड कराया गया था।



