कौन है वह शख्स, जिसके संग कुशवाहा के घर गए पवन सिंह, क्यों कहते हैं सियासत के ‘पावरस्टार’

बिहार की सियासत में हलचल बढ़ गई है. भोजपुरी फिल्मों के ‘पावरस्टार’ कहे जाने वाले पवन सिंह सियासी मैदान में उतरने को तैयार हैं. पवन सिंह आज यानी मंगलवार को एनडीए के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा के घर पहुंचे. दिल्ली में पवन सिंह के साथ वह शख्स था, जिसे सियासत का असली पावरस्टार कहते हैं. जी हां, पवन सिंह बीजेपी के सीनियर नेता विनोद तावड़े के साथ उपेंद्र कुशवाहा के घर पहुंचे थे. पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के बीच यह मुलाकात सियासी थी. यहां विनोद तावड़े भी मौजूद थे. माना जा रहा है कि पवन सिंह आरा के शाहाबाद इलाके से एनडीए उम्मीदवार हो सकते हैं. वैसे भी विनोद तावड़े ने मुलाकात के बाद ऐलान कर दिया कि पवन सिंह भाजपा के थे और भाजपा में ही रहेंगे.
बहरहाल, पवन सिंह की विनोद तावड़े की मौजूदगी में उपेंद्र कुशवाहा के साथ मुलाकात चुनावी लिहाज से काफी अहम है. मगर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह पवन तावड़े हैं कौन, जिनके साथ पवन सिंह कुशवाहा के आवास पर गए? क्या वह राजनीति का असल ‘पावरस्टार’ है? जी हां, विनोद तावड़े का सियासी कद अब बहुत बड़ा है. वह बिहार में बीजेपी की रणनीति को मजबूत बनाने में अहम भूमिका चुके हैं. विनोद तावड़े भले ही महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं, मगर बिहार की सियासत में उनकी अब पकड़ काफी मजबूत हो चुकी है.
कौन हैं विनोद तावड़े
विनोद तावड़े बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं. वह भाजपा मुंबई इकाई के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं. कई टर्म में भाजपा के महासचिव रह चुके हैं. महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता रह चुके तावड़े 2014 में देवेंद्र फडणवीस सरकार में शिक्षा, खेल, युवा कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री बने थे. वह 2014 से 2019 तक बोरीवली से विधायक भी रहे. वह राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा चुनावों के समन्वय समिति में भी शामिल रहे हैं.
विनोद तावड़े का बिहार कनेक्शन
बिहार से उनका गहरा नाता 2024 लोकसभा चुनाव में जुड़ा. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 2024 में बीजेपी ने उन्हें बिहार का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया. ऐसा कहते हैं कि बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 में अग भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा तो इसके पीछे विनोद तावड़े ही हैं. विनोद तावड़े ने नीतीश कुमार की जेडीयू और अन्य सहयोगियों के साथ गठबंधन को मजबूत किया. उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी की आरजेडी के खिलाफ रणनीति बनाई और एनडीए को 40 में से 30 सीटें दिलाने में योगदान दिया.
क्यों अहम है यह मुलाकात
इतना ही नहीं, विनोद तावड़े को ‘हेडहंटर’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने कई विपक्षी नेताओं को बीजेपी में शामिल कराया. पवन सिंह के साथ उनकी मौजूदगी दिलचस्प है. पवन सिंह काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और वह लगातार राजनीति में सक्रिय हैं. उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के सहयोगी हैं और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख हैं. उनके घर पर यह बैठक 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत है. विनोद तावड़े की मौजूदगी से यह साफ है कि पवन सिंह की भाजपा से नाराजगी खत्म हो चुकी है. यही कारण है कि तावड़े ने उनके सामने ही कहा कि पवन सिंह भाजपा से कहीं नहीं गए हैं. वह भाजपा में थे और रहेंगे.



