गोंडा

कृषिविज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा में सरसों उत्पादन तकनीक विषयक प्रशिक्षण संपन्न

*गोंडा*

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा के शस्य अनुभाग द्वारा समूहबद्ध अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन तिलहन योजना के अंतर्गत ग्राम रेतादल सिंह विकासखंड तरबगंज जनपद गोंडा में सरसों उत्पादन विषयक एक दिवसीय आफ कैंपस प्रशिक्षण आयोजित किया गया । प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. रामलखन सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर ने सरसों की खेती के लिए भूमि एवं भूमि का चयन,बीज एवं बीज की बुवाई,खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन आदि की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि सरसों की खेती के लिए प्रति एकड़ 2 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है । खाद एवं उर्वरक में प्रति एकड़ 5 टन सड़ी गोबर की खाद या कंपोस्ट खाद, 85 किलोग्राम यूरिया, 50 किलोग्राम डीएपी, 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश तथा 15 किलोग्राम गंधक की जरूरत होती है । फसल बुवाई के 2 दिन के अंदर पेंडीमेथलीन 30 ईसी की सवा लीटर मात्रा को प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने पर खरपतवारों का जमाव नहीं होता है । इस अवसर पर तरबगंज ग्रामोदय कृषक उत्पादक संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम बहादुर सिंह सहित प्रगतिशील कृषकों शत्रुघ्न सिंह अजय कुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, हिमांशु शर्मा आदि ने प्रतिभाग कर खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त की । प्रशिक्षण के उपरांत कृषकों को प्रदर्शन हेतु सरसों प्रजाति आर.एच. 725 का बीज निशुल्क प्रदान किया गया तथा मूंगफली प्रजाति जीजी 34 के अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन प्रक्षेत्र पर कृषकों का भ्रमण कराया गया ।

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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