G20 में भारत का रणनीतिक संदेश मजबूत

पीएम मोदी की दक्षिण अफ्रीका यात्रा और G20 में उनकी भागीदारी सिर्फ राजनैतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक रणनीति का एक अहम हिस्सा है। मोदी इस शिखर सम्मेलन में “वसुधैव कुटुंबकम” की अवधारणा को जोर-शोर से पेश करेंगे, जो भारत की एक ऐसी दृष्टि है जहां संपूर्ण धरती को एक परिवार के रूप में देखा जाए।
यह दृष्टिकोण खासकर इसलिए मायने रखता है क्योंकि G20 सम्मेलन पहली बार अफ्रीका में हो रहा है। मोदी की यह यात्रा यह दिखाती है कि भारत सिर्फ आर्थिक मुद्दों पर ही बात नहीं करना चाहता, बल्कि वह वैश्विक स्तर पर समानता, सहयोग और दीर्घकालीन स्थिरता के मसलों पर मजबूत आवाज़ बनना चाहता है।
उनके इस शिखर सम्मेलन में अन्य देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ताएं भी होंगी, जिनमें विकास-नवीनता, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। भारत इस मंच का उपयोग न सिर्फ अपनी अर्थव्यवस्था के लिए अवसर खोजने के लिए कर रहा है बल्कि वैश्विक नेतृत्व की अपनी भूमिका को भी मज़बूत करना चाहता है।



