ईरान में जिंदा हैं, यह भी नहीं बता पा रहे थे, तिरंगे ने की मदद; भारत लौटे छात्रों ने सुनाई आपबीती l

तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र आमिर ने बताया कि वहां कई हफ्तों से सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। तेहरान और तब्रीज जैसे बड़े शहरों में एक तरह से कर्फ्यू लगा है। ऐसे में जरूरी चीजों की किल्लत हैै।
ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल गश्त कर रहे हैं। दुकानें बंद हैं। खौफ में लोग घरों में कैद हैं। इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप होने से परिजनों को यह भी नहीं बता पा रहे थे कि हम ईरान में जिंदा है या नहीं। यह कहना है, शुक्रवार देर रात ईरान से दिल्ली लौटे भारतीय छात्रों का। छात्रों ने बताया कि अराक, कौम, शिराज, मशहद व तेहरान जैसे शहरों में हालात गंभीर हैं।
इनमें शामिल जोया सैय्यद ने बताया कि मैं तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष की छात्रा हूं। देखते ही देखते वहां के हालात अस्थिर हो गए। अब भविष्य को लेकर चिंता सता रही है कि वहां कब वापसी होग। जैसे ही यहां विमान से उतरी तो मेरे साथ परिवार ने भी राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि वहां बार-बार इंटरनेट बंद किया जा रहा है। ऐसे में घर वालों से बात नहीं हो पा रही थी तो परिजन भी चिंतित थे। हालांकि, सभी भारतीय सुरक्षित हैं। वहां अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।
तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र आमिर ने बताया कि वहां कई हफ्तों से सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। तेहरान और तब्रीज जैसे बड़े शहरों में एक तरह से कर्फ्यू लगा है। ऐसे में जरूरी चीजों की किल्लत हैै। सर्वाधिक परेशानी लड़कियों को हो रही है। वे दहशत में हैं।
*बच्चों को देख अभिभावकों की आंखों से छलके आंसू*
ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच कई भारतीय वाणिज्यिक उड़ानों से स्वदेश लौट रहे हैं। वापस आए कई भारतीय चिंता से घिरे दिखे। अली नकवी उन 12-13 यात्रियों के समूह में शामिल थे, जो वाणिज्यिक उड़ान से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हम बड़ी मुश्किल से वापस लौट पाए हैं। हवाई अड्डे पर कुछ अभिभावकों ने ईरान से लौटे अपने बच्चों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। एक पिता ने अपनी बेटी को सीने से लगा लिया। इस दौरान आंखों से खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े।



