गोंडा में रन फॉर डायबिटीज कार्यक्रम का आयोजन

*1 किलोमीटर तक जागरूकता को लेकर दौड़ का आयोजन,सीएमओ सहित भारी संख्या में लोगों ने लिया भाग, डायबिटीज मुक्त भारत के लिए लिया संकल्प*
*गोंडा*
गोंडा जिले में आज रेडबिन हेल्थ केयर और अभिलाषा फाउंडेशन द्वारा रन फॉर डायबिटीज कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहां गोंडा के गुरु नानक चौराहे से 1 किलोमीटर लंबी दौड़ और जागरूकता रैली को गोंडा सीएमओ डॉक्टर रश्मि वर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर के रवाना किया गया। खुद इस दौड़ और जागरूकता कार्यक्रम में गोंडा सीएमओ डॉक्टर रश्मि वर्मा शामिल हुई और 1 किलोमीटर तक दौड़ते हुए इस कार्यक्रम में डायबिटीज को लेकर जागरूक करते हुए भी गोंडा के गांधी पार्क पहुंची। जहां पर इस कार्यक्रम का समापन किया गया है भारी संख्या में मौजूद लोगों को डायबिटीज मुक्त भारत बनाने के लिए जागरुक करते हुए उन्हें शपथ दिलाई गई है। डॉ रश्मि वर्मा ने लोगों को शपथ दिलाते हुए कहा कि यह बीमारियां हमारे पास हमारे खान-पान के कारण और परिवार में अगर किसी को होता है तो उसके कारण भी लोगों को होती है। ऐसे में लोगों को इस बीमारी से बचाव के लिए अपने स्वास्थ्य पर काफी ध्यान देने की आवश्यकता है। जिसको भी यह बीमारी हो जाए वह खान-पान पर अपने विशेष रूप से ध्यान दें परहेज करें ताकि उन्हें और दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वही रेडबिन हेल्थ केयर के संचालक डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और सर्वेश मिश्रा ने कहा कि रन फॉर डायबिटीज कार्यक्रम का आयोजन सिर्फ इसलिए किया गया था ताकि लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया जा सके भारी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। सभी लोगों को शपथ दिलाई गई है सभी लोगों ने एक दूसरे को जागरूक करने के लिए यहां पर शपथ ली है हम लोगों का सिर्फ उद्देश्य ही है कि जितना लोग जागरूक होंगे उतनी ही ज्यादा लोग इस बीमारी से दूर रहेंगे। विशेष रूप से लोग अपने खान-पान पर और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें ताकि इस बीमारी से लोग बचे रहे हैं। गोंडा के प्रतिष्ठित डॉक्टर ओ एन पांडे ने बताया कि लगातार यह बीमारियां पूरे भारत में बढ़ रही है इसके रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक होने की बहुत ही आवश्यकता है अगर लोग जागरुक नहीं होंगे तो आने वाले दिनों में स्थिति काफी खराब होगी। यह बीमारी अगर किसी के अंदर हो जाती है तो अन्य बीमारियां भी उसे व्यक्ति के अंदर आ जाती है फिर उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।



