
आयकर विभाग (आईटीडी) ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में कुछ करदाताओं को उनके लेन-देन को लेकर भेजे गए संदेश केवल सलाहात्मक (एडवाइजरी) प्रकृति के हैं और इनका उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है, न कि किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू करना।
विभाग ने एक्स (X) पर एक पोस्ट में बताया कि ये संदेश केवल उन मामलों में जारी किए गए हैं, जहां आयकर रिटर्न (आईटीआर) में किए गए खुलासों और वर्ष के दौरान रिपोर्टिंग संस्थाओं से आयकर विभाग को प्राप्त जानकारी के बीच स्पष्ट रूप से बड़ा अंतर दिखाई देता है।
विभाग ने कहा, “इन संदेशों का उद्देश्य करदाताओं की सुविधा करना और उन्हें उन लेन-देन से संबंधित जानकारी के बारे में अवगत कराना है जो रिपोर्टिंग संस्थाओं द्वारा आयकर विभाग को भेजी गई है।” साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह संपर्क केवल उन्हीं चुनिंदा मामलों तक सीमित है, जहां प्रारंभिक रूप से विसंगतियां नजर आती हैं।



