आपकी खरीदी सेकंड हैंड कार चोरी की तो नहीं? चोरी कर फर्जी कागजों पर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह गैंग चोरी की गाड़ियों को ‘टोटल लॉस’ (हादसे में खत्म हुई) गाड़ियों के चेसिस नंबर का इस्तेमाल कर दोबारा रजिस्टर कराता था.
नई दिल्ली:
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देशभर में फैले एक ऐसे गिरोह को बेनकाब किया है जो दिल्ली-NCR से लग्जरी कारें चुराकर उन्हें फर्जी कागजों के जरिए पंजाब और हिमाचल में बेच रहे थे. पुलिस ने इस कार्रवाई में 16 हाई-एंड गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें फॉर्च्यूनर और थार जैसी गाड़ियां शामिल हैं. पुलिस ने कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें गैंग का मास्टरमाइंड जालंधर का कार डीलर दमनदीप, फर्जी कागज बनाने वाला बी.टेक ग्रेजुएट अरविंद और दिल्ली का एजेंट अमनदीप शामिल है. पुलिस ने 8 फॉर्च्यूनर, 5 किया सेल्टोस, 1 थार, 1 क्रेटा और 1 वेन्यू कार बरामद की है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह गैंग चोरी की गाड़ियों को ‘टोटल लॉस’ (हादसे में खत्म हुई) गाड़ियों के चेसिस नंबर का इस्तेमाल कर दोबारा रजिस्टर कराता था. डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम के मुताबिक अगस्त 2025 में पीतमपुरा से एक हुंडई क्रेटा चोरी हुई थी. जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को खबर मिली कि जालंधर का एक पुराना कार डीलर चोरी की गाड़ियां खरीद-बेच रहा है. पुलिस ने जालंधर में छापेमारी की और मास्टरमाइंड दमनदीप सिंह उर्फ लकी को धर दबोचा. उसकी निशानदेही पर दिल्ली के पीतमपुरा से अमनदीप और चंडीगढ़ से अरविंद को भी गिरफ्तार किया.



