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आखिरी सांस तक लड़ेंगे, सरेंडर के वादे से मुकरे नक्सली; सरकार बोली- ऑपरेशन में कोई ढील नहीं

माओवादियों ने स्वीकार किया है कि पिछले एक वर्ष में उनके 320 कैडर मारे गए, जिनमें 8 सेंट्रल कमेटी सदस्य, 15 राज्य स्तरीय नेता और महासचिव बसवराज शामिल हैं। केवल दंडकारण्य क्षेत्र में 243 मौतें दर्ज की गईं।

हाल ही में प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) ने सरकार से तीन महीने तक एंटी-नक्सल ऑपरेशनों पर रोक लगाने की अपील की थी ताकि बिखरे हुए कैडरों को आत्मसमर्पण कर पुनर्वास योजनाओं में शामिल होने का मौका मिल सके। लेकिन अब दूसरी ओर इसके सेंट्रल मिलिटरी कमिशन (CMC) ने बिल्कुल उलटा और उग्र संदेश जारी किया है। नए बयान में माओवादियों से 2 से 8 दिसंबर तक पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) सप्ताह को क्रांतिकारी उत्साह के साथ मनाने और आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, PLGA के 25 वर्षों के मौके पर जारी CMC के ताजा बयान को सरकार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक चुनौती माना जा रहा है। इसमें कहा गया है कि यह वर्ष संगठन के लिए सबसे रक्तरंजित वर्षों में से एक होने के बावजूद लड़ाकू धैर्य का क्षण है। माओवादियों ने स्वीकार किया है कि पिछले एक वर्ष में उनके 320 कैडर मारे गए, जिनमें 8 सेंट्रल कमेटी सदस्य, 15 राज्य स्तरीय नेता और महासचिव बसवराज शामिल हैं। केवल दंडकारण्य क्षेत्र में 243 मौतें दर्ज की गईं।

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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