असम सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के सम्मान में ‘मुख्यमंत्री एति कोली दूती पात योजना’ शुरू की।

जनवरी 2026 में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तिनसुकिया जिले के डूमडूमा में चाय उद्योग के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर **मुख्यमंत्री एति कोली दूती पात योजना** का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य राज्य के चाय बागान श्रमिकों के योगदान को सम्मानित करना और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत असम सरकार राज्य भर के 6 लाख से अधिक स्थायी और अस्थायी चाय बागान श्रमिकों को **5,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता** प्रदान करेगी। यह सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी जाएगी।
राज्य के 27 जिलों, 73 विधानसभा क्षेत्रों और 836 चाय बागानों में कार्यरत श्रमिक इस योजना के दायरे में आएंगे। सरकार द्वारा कुल **300 करोड़ रुपये से अधिक** की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा गर्भवती चाय श्रमिक महिलाओं को **15,000 रुपये का पोषण वेतन मुआवजा** और चाय बागान क्षेत्रों की ओरुनोदोई लाभार्थी महिलाओं को फरवरी 2026 में **अतिरिक्त 8,000 रुपये** दिए जाएंगे।
श्रमिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यस्थलों पर **मोबाइल क्रेच, शौचालय और चिकित्सा इकाइयों** की शुरुआत की गई है, जिससे बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, श्रमिक लाइनों में रहने वाले परिवारों को फरवरी 2026 से **आवासीय भूमि पट्टे (पट्टा)** प्रदान किए जाएंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में चाय बागान इलाकों में नए विद्यालयों की स्थापना, मौजूदा स्कूलों के विस्तार, **एमबीबीएस (Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery)** सीटों में आरक्षण, नौकरियों में कोटा और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल की जा रही है। इसके साथ-साथ सामुदायिक ढांचे के विकास और **झूमर नृत्य** के प्रचार के माध्यम से चाय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया जा रहा है।
यह योजना असम के चाय बागान श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार और उनके समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



