अब रात में भी होंगे ऑपरेशन, गोंडा मेडिकल कॉलेज का बाबु ईश्वर शरण अस्पताल बदलेगा स्वरूप

*गोंडा*
गोंडा जिले के स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबु ईश्वर शरण चिकित्सालय अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर मरीजों को 24×7 इमरजेंसी सेवा देगा। अगले एक साल के भीतर अस्पताल की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। यहां रात में भी ऑपरेशन संभव होंगे और गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर करने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
गुरुवार को आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में प्राचार्य प्रो. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल तिवारी और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.एन. सिंह ने अस्पताल में चल रहे सुधार और नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. दीक्षा द्विवेदी मौजूद रहीं।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, अभी तक यह अस्पताल जिला अस्पताल जैसा लगता था, लेकिन अगले एक वर्ष में यह मेडिकल कॉलेज की असली पहचान के अनुरूप दिखेगा। मरीजों को बेहतर इलाज, आधुनिक जांच सुविधाएं और आपातकालीन हालात में तत्काल उपचार मिलेगा।
30 बेड का अत्याधुनिक इमरजेंसी वार्ड, जिसमें ग्रीन, येलो और रेड ज़ोन व्यवस्था लागू होगी। 6 बेड का इमरजेंसी आईसीयू, इमर्जेंसी सेवा के लिए मौके पर ही छोटी पैथोलॉजी लैब, 24 घंटे चालू रहने वाला ब्लड बैंक रहेगा। चौबीसों घंटे पैथोलॉजी और जांच सेवाएं जारी होंगी। नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन लगेगी।तीमारदारों के लिए पास सिस्टम लागू होगा। ट्रामा और चिकित्सा के स्टेट नोडल ऑफिसर एल.बी. मिश्रा ने हाल ही में निरीक्षण कर इमरजेंसी सेवाओं को और सशक्त बनाने पर जोर दिया था। वहीं, मंडलायुक्त ने भी अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य और सुधार की समीक्षा की थी। प्राचार्य प्रो. कोटास्थाने ने कहा कि आने वाले दिनों में बाबु ईश्वर शरण चिकित्सालय प्रदेश के बेहतर मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में शुमार होगा। उनकी प्राथमिकता है कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ न जाना पड़े और उन्हें यहीं उच्चस्तरीय सुविधा उपलब्ध हो।



