उत्‍तर प्रदेश

अंग्रेजों के जमाने की पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद होगी पुनर्स्थापना, किसानों को बड़ी राहत

बागपत। अंग्रेजों के जमाने में बनाई गई पूर्वी यमुना नहर की 194 साल बाद पुनर्स्थापना का कार्य शुरू होने जा रहा है। शासन ने इस परियोजना के लिए 48 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिसमें से 18 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह नहर सहारनपुर के हथिनीकुंड बैराज से निकलकर शामली, बागपत, गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक जाती है और करीब 204 किलोमीटर लंबी है।

पूर्वी यमुना नहर से ढाई लाख किसानों की लगभग दो लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है, जिसका पानी नहर की घटती हुई क्षमता के कारण प्रभावित हो रहा था। पहले नहर की पानी की क्षमता 4400 क्यूसेक थी जो अब घटकर लगभग 2000 क्यूसेक रह गई है। इससे ज्यादा पानी बहाने पर नहर टूटने का खतरा होता था। इस कारण शामली क्षेत्र से आगे किसानों को पूरा पानी नहीं मिल पा रहा था, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही थीं।

पुनर्स्थापना के बाद नहर की चौड़ाई 17 मीटर तक बढ़ाई जाएगी और नहर के किनारे से कब्जा हटाकर इसे पूरी तरह से पक्का किया जाएगा। साथ ही नहर के ऊपर पुलों का निर्माण और चौड़ाई बढ़ाने का काम भी किया जाएगा। इससे सिंचाई की उपलब्धता बेहतर होगी और किसानों को समय पर पानी मिलेगा, जिससे उनकी खेती में वृद्धि होगी।

रालोद के छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि विधानसभा में नहर की स्थिति और पुनर्स्थापना का मुद्दा उठाने के बाद इस परियोजना को स्वीकृति मिली है। प्रशासन और सिंचाई विभाग ने जल्द ही कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है।

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former crime reporter DAINIK JAGRAN 2001 and Special Correspondent SWATANTRA BHARAT Gorakhpur. Chief Editor SAAMYIK HANS Hindi News Paper/news portal/

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